इस पाठ्यक्रम को उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी निम्न क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं—
- धर्मगुरु बन सकते हैं
- राज्य भाषा अधिकारी बन सकते हैं
- शिक्षक बन सकते हैं
- सैनिक सेवाओं में जा सकते हैं
- सिविल सेवा में जा सकते हैं
- मंदिर के पुजारी बन सकते हैं
- मठों में महंत बन सकते हैं
- वैष्णो देवी मंदिर आदि धार्मिक स्थलों में पुजारी बन सकते हैं